इलाहाबाद हाईकोर्ट
अलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक विवाहित दंपति के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द कर दी, जब महिला ने कहा कि उसका विवाह उसकी अपनी मर्जी से हुआ था। अदालत ने यूपी पुलिस को ऐसे मामलों में हस्तक्षेप न करने की हिदायत दी, कहा कि यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन है। अदालत ने दंपति की वैवाहिक जीवन की सुरक्षा का आदेश दिया।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाया कि बच्चों के जन्म में दो साल के अंतराल के आधार पर दूसरी प्रसूति अवकाश से इंकार नहीं किया जा सकता। जस्टिस करुणेश सिंह पवार ने मनीषा यादव की याचिका पर यह फैसला दिया।
01 अप्रैल 2026 19:16