इलाहाबाद हाईकोर्ट

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला दिया है कि ट्रांसजेंडर पर्सन्स (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) एक्ट, 2019 की धारा 7 के तहत जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी प्रमाणपत्र पासपोर्ट में लिंग बदलने के लिए निर्णायक प्रमाण है। अदालत ने कहा कि इसके बाद पासपोर्ट प्राधिकरण अतिरिक्त चिकित्सा जांच या जन्म प्रमाणपत्र में बदलाव की मांग नहीं कर सकते। यह फैसला खुश आर गोयल की याचिका पर पारित किया गया।

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