देशभर के प्रमुख हवाई अड्डों पर इंडिगो की उड़ानों में कैंसिलेशन और देरी का दौर आठ दिसंबर को भी जारी रहा, जिसमें दिल्ली में 134, बेंगलुरु में 127 और हैदराबाद में 112 उड़ानें रद्द हुईं। डीजीसीए ने सीईओ को नोटिस का जवाब देने के लिए 24 घंटे का अतिरिक्त समय दिया है, जबकि 610 करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए जा चुके हैं। संचालन 10 दिसंबर तक सामान्य होने की उम्मीद है।
आठ दिसंबर 2025 को देश के कई हवाई अड्डों पर इंडिगो की लगभग 300 उड़ानें रद्द की गईं, जो सातवें दिन भी जारी संकट का हिस्सा हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर 75 प्रस्थान और 59 आगमन वाली 134 उड़ानें प्रभावित हुईं, जबकि बेंगलुरु में 127, हैदराबाद में 112, अहमदाबाद में 20 और विशाखापत्तनम में 7 उड़ानें रद्द रहीं। सुबह 9:30 बजे तक 289 कैंसिलेशन की पुष्टि हो चुकी थी। रविवार को 650 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं, जो दैनिक 2300 उड़ानों का 28 प्रतिशत है, और वीकेंड में 1000 से ज्यादा कैंसिलेशन दर्ज किए गए।
यह संकट मुख्य रूप से फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशंस (एफडीटीएल) नियमों के पूर्ण कार्यान्वयन से उत्पन्न हुआ, जिसके कारण कॉकपिट क्रू की कमी हो गई। अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित यात्रियों को 610 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड जारी किया गया है। सरकार ने हस्तक्षेप करते हुए किराए पर सीमा लगाई और रिफंड प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया। नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि पायलट ड्यूटी निर्देश एक साल पहले जारी किए गए थे, इसलिए जिम्मेदारी एयरलाइन की है।
डीजीसीए ने सीईओ पीटर एल्बर्स और प्रबंधक इसिड्रो पोरक्वेरास को सोमवार शाम 6 बजे तक जवाब देने का समय दिया। दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों को उड़ान स्थिति जांचने की सलाह दी: 'इंडिगो उड़ानों में देरी हो सकती है। हवाई अड्डे आने से पहले स्टेटस चेक करें।' इस संकट से इंडिगो के शेयर 4 प्रतिशत गिरे। उच्चस्तरीय जांच शुरू हो चुकी है, और 10 दिसंबर तक सामान्यीकरण की उम्मीद है।