राज्यसभा चुनाव में पार्टी लाइन के खिलाफ वोट डालने वाले बीजेडी विधायकों ने पार्टी नेतृत्व को शो-कॉज नोटिस को अवैध, मनमाना और असंवैधानिक बताते हुए चुनौती दी है। उन्होंने इन नोटिसों को बीएनएस के तहत अपराध करार दिया और कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। छह विधायकों ने समान भाषा में जवाब दिया।
ओडिशा विधानसभा में बीजेडी के छह विधायकों ने हालिया राज्यसभा चुनाव में स्वतंत्र उम्मीदवार दिलीप राय को वोट देकर पार्टी लाइन तोड़ी। इसके बाद पार्टी की चीफ व्हिप प्रमिला मल्लिक द्वारा जारी शो-कॉज नोटिस पर उन्होंने कड़ा ऐतराज जताया। बांकी निर्वाचन क्षेत्र के विधायक देवी रंजन त्रिपाठी ने नोटिस को 'एक्स फेशी अवैध, मनमाना, निराधार और असंवैधानिक' बताया। उन्होंने कहा, 'यह बीएनएस-2023 की धारा 171 और 174 के तहत दंडनीय अपराध है।' त्रिपाठी ने नोटिस की भाषा को चुनाव आयोग के निर्देशों का उल्लंघन बताते हुए सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला दिया, जैसे कuldip नायर बनाम भारत संघ (2006), पशुपति नाथ सुकुल बनाम नेम चंद्रा जैन (1984) और किहोटो होलोहन बनाम जाचिल्हू (1992)। इन फैसलों में कहा गया कि राज्यसभा चुनाव में वोटिंग के दौरान पार्टियां सदस्यों को व्हिप जारी नहीं कर सकतीं, क्योंकि यह अनुचित प्रभाव के दायरे में आता है। उन्होंने दसवीं अनुसूची के तहत कोई दंड न लगने का भी जिक्र किया। चoudwar-कटक के विधायक सौविक बिस्वाल ने आरोपों का खंडन किया कि उन्होंने पार्टी सदस्यता छोड़ी। उन्होंने कहा, 'मैंने कभी सदस्यता नहीं छोड़ी और संविधान तथा पार्टी संविधान के अनुरूप स्वतंत्र इच्छा से वोट किया।' बिस्वाल ने दावा किया कि कोई पार्टी निर्देश या 15 मार्च 2026 की बैठक का निर्णय उन्हें संप्रेषित नहीं किया गया। उन्होंने नोटिस को कानून और संविधान का दुरुपयोग बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की, वरना कानूनी कदम उठाएंगे। सभी छह विधायकों के जवाब लगभग एक समान थे।