मिडिल ईस्ट में युद्ध और LPG आपूर्ति की चिंताओं के कारण भारत में गैस सिलेंडर की कमी हो रही है, जिससे लोग इलेक्ट्रिक कुकिंग विकल्प तलाश रहे हैं। इंडक्शन कुकर और अन्य उपकरणों की बिक्री तेजी से बढ़ी है, और क्रोमा तथा अमेज़न पर ये आउट ऑफ स्टॉक हो गए हैं।
मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष और LPG आपूर्ति पर बढ़ती चिंताओं का प्रभाव भारतीय रसोईघरों पर पड़ रहा है। कई शहरों में गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं या कालाबाजारी में दोगुने दाम पर बिक रहे हैं। इस कारण पिछले कुछ दिनों में इंडक्शन कुकटॉप और अन्य इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों की मांग में तेज वृद्धि हुई है।
रिटेल चेन क्रोमा के सीईओ और एमडी शिबाशिश रॉय ने बताया कि स्टोर्स में इंडक्शन कुकटॉप की दैनिक बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में लगभग तीन गुना हो गई है। उन्होंने कहा, "कई ग्राहक अब एक साथ एक से ज्यादा इंडक्शन कुकटॉप खरीद रहे हैं, जो पहले कम देखा जाता था।" इलेक्ट्रिक केतली की बिक्री भी दोगुनी हो गई है। क्रोमा इस ट्रेंड को पहली बार देख रही है और स्टॉक बढ़ाने का प्रयास कर रही है।
अमेज़न इंडिया के प्रवक्ता के अनुसार, पिछले दो दिनों में इंडक्शन कुकटॉप की बिक्री सामान्य स्तर से 30 गुना बढ़ गई। राइस कुकर और इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर की बिक्री चार गुना, जबकि एयर फ्रायर और मल्टी-यूज इलेक्ट्रिक केतली की बिक्री दोगुनी हो गई। दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु में ग्राहक क्विक डिलीवरी सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं।
यह ट्रेंड घरों तक सीमित नहीं है; कुछ शहरों में होटल, ढाबे और छोटे रेस्तरां भी इलेक्ट्रिक कुकिंग अपना रहे हैं। इससे बिजली की मांग बढ़ने की आशंका है। लोग गैस पर निर्भरता कम करने के लिए बैकअप विकल्प रख रहे हैं।