पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण एलपीजी संकट के बीच दूसरा एलपीजी टैंकर नंदा देवी गुजरात के वड़ीनार बंदरगाह पर मंगलवार सुबह पहुंचा। यह 47,000 मीट्रिक टन से अधिक एलपीजी लादकर आया है, जिसमें से कुछ तमिलनाडु भेजा जाएगा। इससे पहले शिखर टैंकर मुंद्रा बंदरगाह पर 46,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर पहुंच चुका था।
पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से आपूर्ति बाधित होने पर भारत में एलपीजी संकट गहरा गया है। इस बीच, गुजरात के बंदरगाहों पर राहत के संकेत दिखे। इंडिया टुडे के अनुसार, शिखर टैंकर सोमवार शाम मुंद्रा बंदरगाह पहुंचा, जिसमें 46,000 मीट्रिक टन एलपीजी था। यह भारत की कुल एलपीजी आयात आवश्यकता का लगभग एक दिन का भंडार पूरा करने के बराबर है। मुंद्रा में 20,000 टन उतारने के बाद शेष मंगलुरु जाएगा। इंडियन एक्सप्रेस ने बताया कि नंदा देवी कच्छ के कांडला बंदरगाह मंगलवार को पहुंचने वाली है। अधिकारियों के अनुसार, दोनों जहाज 13 मार्च को फारस की खाड़ी से रवाना होकर 14 मार्च को होर्मुज पार कर चुके थे। नंदा देवी पर 47,000 मीट्रिक टन एलपीजी है, जिसमें से 24,000 टन तमिलनाडु भेजे जाएंगे। मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि 22 भारतीय झंडी वाले जहाज अभी भी फारस की खाड़ी में हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। एलपीजी संकट से यूपी में छापेमारी, दिल्ली में अटल कैंटीन बंद आदि प्रभाव दिखे, लेकिन ये टैंकर राहत प्रदान करेंगे।