बेंगलुरु की एनआईए विशेष अदालत ने सोमवार को 2022 मंगलुरु कुकर बम विस्फोट मामले के मुख्य आरोपी मोहम्मद शरीक को 10 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई। विस्फोट एक ऑटोरिक्शा में हुआ था, जिसमें कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन शरीक घायल हो गए थे। जांचकर्ताओं ने इसे इस्लामिक स्टेट से प्रेरित मॉड्यूल से जोड़ा है।
एनआईए की बेंगलुरु विशेष अदालत ने मोहम्मद शरीक को भारतीय दंड संहिता की धारा 121ए, 122 और 326 तथा गैरकानूनी गतिविधि निवारण अधिनियम के तहत दोषी ठहराया। शरीक ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लचीलापन मांगा, कहा कि उनके पास एक बेटी है और परिवार में कमाने वाला कोई नहीं है। अदालत ने इस पर विचार किया।
घटना 19 नवंबर 2022 को कनकनाडी के पास हुई, जब प्रेशर कुकर में छिपा आईईडी फट गया। जांचकर्ताओं के अनुसार, खराब टाइमर के कारण विस्फोट दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। एनआईए ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पहुंचाने की साजिश बताया।
शरीक शिवमोग्गा जिले के रहने वाले हैं और कर्नाटक में सक्रिय इस्लामिक स्टेट से प्रेरित नेटवर्क से जुड़े थे। वे सितंबर 2022 में आईईडी परीक्षण मामले में वांछित थे। पहले 2020 में मंगलुरु में राष्ट्र-विरोधी ग्राफिटी मामले में गिरफ्तार हो चुके थे।
इस मॉड्यूल को तुंगा नदी किनारे परीक्षण विस्फोटों और बेंगलुरु के रमेश्वरम कैफे में 1 मार्च 2024 के विस्फोट से जोड़ा गया है। जब्त सामग्री और डिजिटल साक्ष्य इस्लामिक स्टेट से वैचारिक जुड़ाव दिखाते हैं, हालांकि प्रत्यक्ष ऑपरेशनल लिंक की पुष्टि नहीं हुई।