दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को जम्मू कश्मीर डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी (जेकेडीएफपी) के नेता शब्बीर शाह को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज आतंकी फंडिंग मामले में जमानत दे दी। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट द्वारा 12 मार्च 2026 को दिए गए जमानत आदेश पर आधारित है।
पटियाला हाउस कोर्ट के स्पेशल एनआईए जज प्रशांत शर्मा ने शब्बीर अहमद शाह को जमानत प्रदान की। जज ने अपने आदेश में कहा, “यह स्वीकारोक्त स्थिति है कि आरोपी शब्बीर अहमद शाह को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पूर्व अपराध में 12.03.2026 के आदेश द्वारा जमानत दी गई थी, एसएलपी (सीआरएल) नंबर 13399/2025 में। यह भी स्वीकारोक्त है कि आरोपी को ईडी द्वारा जांच के दौरान गिरफ्तार नहीं किया गया था और शिकायत उसके बिना गिरफ्तारी के दायर की गई।”
जज ने आगे कहा, “...एक बार आरोपी को ईडी द्वारा गिरफ्तार न किया गया हो और वह समन पर अदालत के सामने उपस्थित हो गया हो, तो... आरोपी को जमानत दी जानी चाहिए।”
शाह पर कम से कम 24 एफआईआर दर्ज हैं, जिनमें आतंकी फंडिंग, घातक हथियार के साथ दंगा, धर्म के आधार पर समूहों के बीच दुश्मनी भड़काना और मतदान केंद्र पर गैरकानूनी सभा में शामिल होने जैसे आरोप शामिल हैं। एनआईए ने 2017 में श्रीनगर स्थित उनके निवास से शाह को गिरफ्तार किया था और उन्हें ईडी को सौंप दिया था। मुख्य मामले यूएपीए के तहत एनआईए द्वारा दर्ज दो आतंकी मामले हैं। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी लंबी कैद को ध्यान में रखते हुए जमानत दी थी।