पश्चिम एशिया युद्ध से बिटुमेन की कीमत बढ़ी, बरापुल्ला तृतीय पर काम धीमा

पश्चिम एशिया में युद्ध से बिटुमेन की कीमतों में उछाल आने से दिल्ली के प्रमुख सड़क परियोजनाओं पर काम धीमा पड़ गया है। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बरापुल्ला चरण तीन कॉरिडोर सहित कई प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं। युद्ध समाप्त हो चुका है, लेकिन इसका असर कुछ महीनों तक रहेगा।

दिल्ली के सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के तहत सड़क मरम्मत, नई निर्माण और बरापुल्ला चरण तीन जैसी प्रमुख परियोजनाओं पर काम पिछले एक महीने से धीमा हो गया है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, पश्चिम एशिया युद्ध से पेट्रोलियम उत्पादों, विशेष रूप से बिटुमेन की कीमतों में वृद्धि हुई है।

बरापुल्ला चरण तीन, जो 3.5 किलोमीटर लंबा है और चरण एक व दो का विस्तार है, पर 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। जून तक पूरा होने का संशोधित समयसीमा है, लेकिन बिटुमेन की अनियमित आपूर्ति से देरी हो सकती है। एक अधिकारी ने कहा, "कल 20 टन बिटुमेन मिला, जिसे आज इस्तेमाल किया गया। पंद्रह दिन पहले कमी के कारण काम रुक गया था।"

अन्य प्रभावित प्रोजेक्टों में 153 स्ट्रेच (400 किमी) का मजबूतीकरण और 128 स्ट्रेच की मरम्मत शामिल हैं। केवल 60 किमी पर काम पूरा हुआ, जबकि मार्च 31 की समयसीमा चूक गई। पीडब्ल्यूडी ने जुलाई 31 तक समयसीमा बढ़ाने का प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा है।

ठेकेदार सुदीर निमेश ने बताया, "ट्रांस-यमुना क्षेत्र में 80 प्रतिशत काम धीमा हो गया।" बिटुमेन की कीमत मार्च से प्रति किलो 40 रुपये से बढ़कर 65 रुपये हो गई। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि समस्या तीन-चार महीनों में हल हो जाएगी। मूल लागत 1,260.63 करोड़ से बढ़कर 1,635.03 करोड़ हो चुकी है, और आगे वृद्धि संभव है।

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