हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) द्वारा गुड़गांव के कई सेक्टरों में अतिक्रमण हटाने के लिए घोषित ध्वस्तीकरण अभियान सोमवार को शुरू नहीं हुआ। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के S+4 भवन नीति पर रोक लगाने के आदेश को राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने सेक्टर 31 के निवासियों की याचिका खारिज कर दी।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) ने शुक्रवार को गुड़गांव के सेक्टर 27, 43, 31, 32A, 24, 25A और 30 में 27 अप्रैल से 1 जुलाई तक अतिक्रमण हटाने का बड़ा ध्वस्तीकरण अभियान घोषित किया था। सोमवार को शुरू होने वाला यह अभियान रुक गया।
HSVP के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के हालिया आदेश को चुनौती देने की राज्य सरकार की तैयारी के कारण यह विराम आया है। 2023 में शुरू की गई S+4 नीति स्टिल्ट पार्किंग के ऊपर चार स्वतंत्र मंजिलें बनाना अनुमत करती है, जिससे पुराने सेक्टरों में पुनर्विकास बढ़ा लेकिन घनत्व, पार्किंग और बुनियादी ढांचे पर शिकायतें भी बढ़ीं।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सेक्टर 31 के निवासियों की विशेष अनुमति याचिका (SLP) में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट के 2 अप्रैल के अंतरिम आदेश का दुरुपयोग कर बिना नोटिस ध्वस्तीकरण किया जा रहा है।
चीफ जस्टिस कांत ने कहा, "अगर हाईकोर्ट संवैधानिक कर्तव्य निभा रही है तो हम बाधा क्यों डालें?" वकील गोपाल संकरनारायणन ने बताया कि "यौगिक दीवारें और पेड़ काटे जा रहे हैं।" कोर्ट ने हाईकोर्ट में उचित नोटिस का निर्देश दिया।