महाराष्ट्र विधानसभा ने 2 जुलाई 2026 को सर्वसम्मति से महिला किसान सशक्तिकरण विधेयक 2026 पारित किया। यह देश का पहला ऐसा कानून है जो भूमि स्वामित्व के बिना भी महिलाओं को किसान का दर्जा देगा।
विधेयक के तहत खेती के साथ पशुपालन डेयरी मछली पालन और वन उपज संग्रह में लगी महिलाओं को औपचारिक पहचान मिलेगी। उन्हें महिला किसान प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा जिससे बैंक ऋण फसल बीमा और सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
महाराष्ट्र उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कहा कि यह ऐतिहासिक अन्याय को सुधारने वाला कदम है। कृषि मंत्री दत्तात्रय भराने ने एमएस स्वामिनाथन को श्रद्धांजलि दी।
विपक्षी नेताओं आदित्य ठाकरे और जयंत पाटिल ने भी विधेयक का समर्थन किया। विधेयक अब विधान परिषद में पेश किया जाएगा।