केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मुंबई से सुनिल नेल्लाथु रामकृष्णन उर्फ कृष को गिरफ्तार किया है, जो म्यांमार में साइबर स्कैम यौगिकों में भारतीयों की तस्करी का मुख्य सुविधाकर्ता था। एजेंसी ने कहा कि आरोपी ने थाईलैंड में नौकरी के लालच में पीड़ितों को लुभाया और उन्हें म्यांमार के म्यावादी क्षेत्र में मजबूरन फ्रॉड करने के लिए भेजा।
नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को म्यांमार में साइबर स्कैम यौगिकों में निर्दोष भारतीयों की तस्करी के कथित किंगपिन को गिरफ्तार किया। मुंबई निवासी सुनिल नेल्लाथु रामकृष्णन उर्फ कृष को दक्षिण पूर्व एशिया में पीड़ितों की अवैध ढुलाई और शोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के आरोप में पकड़ा गया। सीबीआई ने बयान में कहा, “सीबीआई ने कृष को म्यांमार के म्यावादी क्षेत्र (विशेष रूप से केके पार्क) में साइबर स्कैम यौगिकों में निर्दोष भारतीय नागरिकों की तस्करी में मुख्य किंगपिन के रूप में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया।” जांच से पता चला कि संगठित अपराध सिंडिकेट थाईलैंड में आकर्षक नौकरियों के बहाने पीड़ितों को लुभाते हैं। उन्हें दिल्ली से बैंकॉक ले जाया जाता है, फिर गुप्त रूप से म्यांमार भेजा जाता है, जहां उन्हें डिजिटल गिरफ्तारी स्कैम, रोमांस फ्रॉड और क्रिप्टोकरेंसी निवेश योजनाओं जैसे साइबर फ्रॉड में मजबूर किया जाता है। पीड़ितों को गलत कारावास, धमकी, शारीरिक और मानसिक शोषण का सामना करना पड़ता है। 2025 में कई भारतीय पीड़ित थाईलैंड भागे और मार्च व नवंबर में भारत लौटे। सीबीआई ने इनसे पूछताछ कर नेटवर्क का modus operandi समझा। कृष पर निगरानी रखी गई और भारत लौटने पर गिरफ्तार किया गया। उसके घर की तलाशी में म्यांमार और कंबोडिया से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जब्त हुए। सीबीआई अन्य आरोपियों, विदेशी नागरिकों सहित, की तलाश जारी रखे हुए है।