रेल मंत्रालय ने ट्रेन टिकट कैंसिलेशन के नए सख्त नियम घोषित किए हैं, जिसमें प्रस्थान से 8 घंटे पहले तक कोई रिफंड नहीं मिलेगा। ये बदलाव आरक्षण चार्ट तैयार करने की समयसीमा से जुड़े हैं और अप्रैल मध्य तक लागू होंगे। यात्री अब प्रस्थान से 30 मिनट पहले बोर्डिंग पॉइंट बदल सकेंगे।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को नई सुधार योजनाओं की घोषणा की, जिसमें ट्रेन टिकट कैंसिलेशन नियमों में बदलाव प्रमुख है। नए नियमों के तहत प्रस्थान से 8 घंटे पहले कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा। 8 से 24 घंटे पहले 50% रिफंड, 24 से 72 घंटे पहले 75% रिफंड और 72 घंटे से अधिक पहले न्यूनतम शुल्क कटौती के बाद शेष राशि लौटाई जाएगी। पहले 4 घंटे से कम में कोई रिफंड नहीं, 4-12 घंटे में 50%, 12-48 घंटे में 75% और 48 घंटे से अधिक में लगभग पूरा रिफंड था। यह बदलाव पिछले साल जुलाई में आरक्षण चार्ट की समयसीमा बदलने से जुड़ा है, जो अब प्रस्थान से 9-18 घंटे पहले तैयार होता है—सुबह 5 बजे से दोपहर 2 बजे के ट्रेनों के लिए पिछली शाम 9 बजे तक। अधिकारियों ने कहा कि इससे यात्रियों को पहले योजना बनाने में मदद मिलेगी। काउंटर टिकट अब किसी भी स्टेशन पर कैंसिल हो सकेंगी, बिना TDR के स्वतः रिफंड मिलेगा। बोर्डिंग पॉइंट बदलने की सुविधा RailOne ऐप आदि में 30 मिनट पहले उपलब्ध होगी, खासकर बहु-स्टेशन शहरों के लिए। ये सुधार अप्रैल 1 से 15 के बीच लागू होंगे। ये '52 सप्ताह में 52 सुधारों' का हिस्सा हैं, जिसमें नमक परिवहन के लिए स्टील कंटेनर (वर्तमान 9.2 मिलियन टन, भारत उत्पादन का 25%), ऑटोमोबाइल के लिए नई वैगन, ठेकेदार नियम (60% सीधा कार्य) आदि शामिल हैं। वैष्णव ने कहा कि नमक परिवहन के लिए गैर-जंगी वैगन से मल्टीमॉडल परिवहन सुगम होगा।