सिंधुदुर्ग अदालत ने महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे को 2019 में NHAI इंजीनियर पर कीचड़ फेंकने के मामले में IPC की धारा 504 के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने एक माह की जेल की सजा सुनाई, लेकिन अपील के लिए निलंबित कर दिया। साथ ही 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसमें से 50,000 रुपये इंजीनियर को मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे।
सिंधुदुर्ग की अतिरिक्त सत्र अदालत ने 27 अप्रैल 2026 को महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे को 2019 के 'कीचड़ कांड' में दोषी ठहराया। यह घटना 4 जुलाई 2019 को कंकावली में हुई थी, जब राणे ने मुंबई-गोवा राजमार्ग के चौड़ीकरण कार्य की खराब गुणवत्ता पर नाराजगी जताते हुए NHAI के सब-डिवीजनल इंजीनियर प्रकाश शेडेकर पर कीचड़ भरा पानी फेंका और उन्हें कीचड़ में चलने पर मजबूर किया।
अदालत ने राणे को IPC की धारा 504 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान) के तहत एक माह की कैद और 1 लाख रुपये जुर्माने की सजा दी। अन्य 29 आरोपियों को बरी कर दिया गया, जबकि राणे को दंगा, सार्वजनिक सेवक पर हमला आदि अन्य धाराओं से राहत मिली। जज वीएस देशमुख ने कहा, "कानून बनाने वालों को कानून हाथ में लेने का हक नहीं है।"
अदालत ने इसे सत्ता का दुरुपयोग बताया और टिप्पणी की कि ऐसी घटनाएं जारी रहीं तो सरकारी कर्मचारी अपनी गरिमा के साथ काम नहीं कर पाएंगे। राणे को अपील दायर करने का समय दिया गया है।