दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के अभ्यर्थी केंद्रीय सरकार की नियुक्तियों में ऊपरी आयु सीमा में छूट या प्रयासों की संख्या में एससी/एसटी/ओबीसी के समान लाभ नहीं मांग सकते। जस्टिस अनिल खेतारपाल और अमित महाजन की बेंच ने कहा कि सामाजिक रूप से पिछड़े और आर्थिक रूप से वंचित वर्गों की कठिनाइयां समान नहीं हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट की एक बेंच ने ईडब्ल्यूएस श्रेणी के अभ्यर्थियों की याचिका खारिज कर दी, जिसमें केंद्रीय सेवाओं की भर्ती में आयु छूट और अतिरिक्त प्रयासों की मांग की गई थी।
जस्टिस अनिल खेतारपाल और अमित महाजन ने कहा, "ईडब्ल्यूएस श्रेणी एससी/एसटी/ओबीसी के साथ स्वचालित समानता का दावा नहीं कर सकती, जैसे आयु छूट या बढ़े हुए प्रयास।" उन्होंने सामाजिक पिछड़ेपन और आर्थिक वंचन के बीच अंतर पर जोर दिया।
यह फैसला 17 अप्रैल 2026 को आया, जब कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों की बाधाएं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से अलग हैं।